दुनिया की टॉप 20 इकोनॉमी में भारत की ग्रोथ सबसे तेज
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भारत की इकोनॉमी को लेकर शेयर बाजार में लगातार भारी गिरावट और विदेशी निवेशकों का भारत से पैसा निकालने से ऐसा लगने लगा कि जैसे अब बुरे दिन आने वाले है. इसी बीच आपको IMF की एक ऐसी रिपोर्ट के बारे में बताते हैं जो यह कहने के लिए काफी है कि टाइगर जिंदा है.
भारत की ग्रोथ अमेरिका और चीन से भी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. जी हां ये हम यूं ही नहीं कह रहे है बल्कि आंकड़े गवाही दे रहे हैं. वर्ल्ड बैंक से लेकर इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड यानी आईएमएफ ने भी भी भारत की ग्रोथ का लोहा मान लिया है. IMF के आंकड़ों के मुताबिक भारत दुनिया के टॉप 20 देशों में सबसे तेज ग्रोथ करने वाला देश है. ग्रोथ के मामले में भारत ने चीन और अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है.
आईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक बीते 10 साल में भारत की GDP मे दोगुने से ज्यादा उछाल दर्ज की गई है साल 2015 में भारत की जीडीपी 2.4 ट्रिलियन डॉलर थी जो साल 2025 में बढ़कर 4.3 ट्रिलियन हो चुकी है.
India shines bright in Global Economy rankings!!
— NITI Aayog (@NITIAayog) February 27, 2025
India holds the 5th rank in the World's Top #Economies with a remarkable chained real #GDP of $4.3 Trillion in 2025.
Compared to $2.4 Trillion in 2015, India's GDP soared significantly in 2025 along with the highest… pic.twitter.com/h5ZjLP7HqJ
हर सेक्टर में तेजी
भारत की इस तेज ग्रोथ के पीछे कई अहम सेक्टर्स का योगदान है. इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कोर सेक्टर, सर्विस सेक्टर हर ओर तेजी दर्ज की गई है. बीते 10 सालों में भारत की ग्रोथ में दोगुने का इजाफा हो चुका है. भारत की इकोनॉमी पर ये विश्वास यूं ही नहीं है. मौजूदा दौर में देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से लेकर कोर सेक्टर और सर्विस सेक्टर तक में दूसरे देशों के मुकाबले तेजी देखने को मिल रही है. साथ ही यूरोप और अमेरिका के मुकाबले भारत की महंगाई दर तेजी के साथ नीचे आ रही है. उससे साफ है कि भारत की इकोनॉमी एवं जीडीपी सही दिशा की ओर बढ़ रही है.
जर्मनी से भी हुई बड़ी भविष्यवाणी
IMF से पहले जर्मनी की ब्रोकरेज कंपनी डॉयचे बैंक की एक रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है कि इंडियन इकोनॉमी के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ के लिहाज से ऐसा लगता है कि बुरा दौर समाप्त हो गया है. डॉयचे बैंक रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट दर सात तिमाहियों के निचले स्तर 5.4 प्रतिशत पर आ गई. इसके कारण इकोनॉमी की मजबूती को लेकर चिंताएं थीं. हालांकि, दिसंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है. बैंक के विश्लेषकों ने कहा कि जहां तक भारत की वृद्धि का सवाल है, हमें लगता है कि सबसे खराब दौर समाप्त हो गया है. हालांकि, आर्थिक गतिविधियों में सुधार के साथ भी, सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में सात फीसदी की वृद्धि दर की क्षमता से नीचे रहने का अनुमान है.
ये भी आ रहे हैं अनुमान
जीडीपी वृद्धि पर आधिकारिक आंकड़े जारी होने से पहले आई रिपोर्ट में विश्लेषकों ने यह भी कहा कि हमें पूर्वानुमानों को लेकर सतर्क रहना होगा क्योंकि पिछले वर्षों के आंकड़ों में भी संशोधन हो सकता है. ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि 65 प्रमुख आंकड़ें 6.2 फीसदी की वृद्धि का संकेत दे रहे हैं. हाल ही में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की ओर से भी तीसरी तिमाही के इकोनॉमिक ग्रोथ का प्रिडिक्शन किया गया है. एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी तिमाही में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 6.3 फीसदी रह सकती है. वहीं दूसरी ओर एनएसओ की ओर से भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.3 फीसदी रखा है.
इकोनॉमी बढ़ाने का ये भी है प्लान
वहीं दूसरी ओर देश का बैंकिंग रेगुलेटर भी इकोनॉमी को बूस्ट दने के लिए काफी काम कर रहा है. फरवरी की मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग में रेपो रेट को 5 साल के बाद कम किया गया. एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. इसका असर भी देश की इकोनॉमी में देखने को मिल सकता है. डॉयचे बैंक के अनुमान के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक वृद्धि को गति देने के मकसद से अप्रैल में मॉनेटरी पॉलिसी की आगामी समीक्षा में नीतिगत दर में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है. कुछ जानकारों का यहां तक कहना है कि मौजूदा कैलेंडर ईयर में 6 बार ब्याज दरों में कटौती यानी कुल 1.50 फीसदी की कटौती देखने को मिल सकती है.
वर्ल्ड बैंक ने भी जताया भरोसा
जर्मनी और IMF के साथ-साथ वर्ल्ड बैंक ने भारत पर भरोसा जताया है. वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को भारतीय इकोनॉमी में दृढ़ विश्वास व्यक्त किया और सभी से देश में आकर निवेश करने की अपील की. एडवांटेज असम 2.0 व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए वर्ल्ड बैंक के कंट्री निदेशक ऑगस्टे तानो कोउमे ने कहा कि वृद्धि दर में मामूली गिरावट के बावजूद विश्व बैंक भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर आशान्वित है. उन्होंने कहा कि हम इस समय भारत की वृद्धि को लेकर चिंतित नहीं हैं. हम भारत को लेकर बहुत उत्साहित हैं और आगे भी उत्साहित रहेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक वृद्धि में एक प्रतिशत का उतार-चढ़ाव विश्व बैंक के सकारात्मक दृष्टिकोण को नहीं बदलेगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई हालिया आंकड़ों को लेकर चिंतित है, तो हम कहना चाहेंगे कि चिंता न करें. भारत दुनिया का उज्ज्वल स्थान है. अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो यहां आएं और निवेश करें. भारत की वृद्धि दर इसे निवेश के लिए एक बेहतरीन जगह बनाती है.