बिहार में BJP के 3 दिन में 3 बड़े फैसले, मोदी ने सेट किया एजेंडा, नड्डा ने दिया टास्क, अब नीतीश कैबिनेट के विस्तार से सधेगा समीकरण

Update: 2025-02-26 10:36 GMT

दिल्ली की चुनावी जंग फतह करने के बाद बीजेपी ने अपना पूरा फोकस बिहार पर केंद्रित कर दिया है. बिहार में विधानसभा चुनाव भले ही साल के आखिर में हैं, पर बीजेपी ने अभी से ताबड़तोड़ तरीके से सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दी है. पार्टी ने तीन दिन में तीन बड़े सियासी कदम उठाए हैं. पीएम मोदी भागलपुर रैली से बिहार चुनाव का सियासी एजेंडा सेट करते नजर आए. इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना पहुंचकर पार्टी नेताओं को चुनाव धार देने के लिए टास्क सौंपा. अब बुधवार को नीतीश कैबिनेट का विस्तार कर सियासी समीकरण साधने के साथ एनडीए में बेहतर केमिस्ट्री बनाए रखने की स्ट्रैटेजी अपनाई है.

बिहार में आठ महीने के बाद विधानसभा चुनाव होने है, लेकिन बीजेपी अभी से हो एक्टिव हो गई है. सोमवार को पीएम मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है. नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के दो दिन बाद ही नीतीश कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है, जिससे बीजेपी का दबदबा बिहार की नीतीश सरकार में और भी बढ़ जाएगा. इस तरह बीजेपी ने बिहार में अपना सियासी ताना बाना बुनना शुरू कर दिया है और तीन दिन में तीन बड़े सियासी दांव चले हैं?

कैबिनेट विस्तार से सधेगा चुनाव

नीतीश कैबिनेट का विस्तार बुधवार शाम चार बजे होगा.बिहार सरकार में अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं. डॉ दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सात मंत्री पद की जगह खाली हो गई है. नीतीश ने महागठबंधन से नाता तोड़कर जनवरी 2024 में बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी, उस समय 30 सदस्य मंत्री बने थे. बीजेपी से 16 मंत्री, जिसमें दो डिप्टी सीएम भी शामिल थे.

जेडीयू कोटे से 13 मंत्री बनाए गए थे और एक जीतन राम मांझी की पार्टी से मंत्री हैं. बीजेपी कोटे के मंत्री दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि सात नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है, जिसमें सभी बीजेपी कोटे से होंगे. इस तरह 2025 के विधानसभा चुनाव को साधने की रणनीति मानी जा रही है.

नीतीश सरकार में बढ़ेगा दबदबा

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने नीतीश कैबिनेट के विस्तार के सहारे सियासी समीकरण साधने की स्ट्रैटेजी बनाई है. बीजेपी के लिए इसे 2025 के चुनाव में मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. इससे एक तरफ तो बीजेपी का रुतबा बिहार सरकार में और भी बढ़ जाएगा तो दूसरी तरफ पार्टी जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी साधकर सियासी संदेश देने की कवायद करेगी.

फिलहाल नीतीश कैबिनेट में बीजेपी कोटे से 15 मंत्री हैं और सात नए मंत्री बनते हैं तो बिहार सरकार के कुल 37 मंत्रियों में बीजेपी के 22 मंत्री हो जाएंगे जबकि जेडीयू कोटे से 13 मंत्री ही रहेंगे. इस तरह जेडीयू से करीब दोगुना ज्यादा बीजेपी के मंत्री होंगे. इस तरह बीजेपी बिहार में पहले से ही बड़े भाई की भूमिका में और कैबिनेट के बाद सरकार में भी उसकी अहमियत जेडीयू से ज्यादा हो जाएगी.

जातीय-क्षेत्रीय बैलेंस बनाने का दांव

बीजेपी कैबिनेट विस्तार के जरिए बिहार के जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति मानी जा रही है. बिहार के राजस्व मंत्री पद से डॉ दिलीप जायसवाल का इस्तीफा होने के बाद माना जा रहा है कि उनकी जगह किसी वैश्य को ही मंत्री बनाया जा सकता है. बीजेपी सवर्ण वोटों को साधने के लिए एक राजपूत और एक भूमिहार को मंत्री बनाने का दांव चल सकती है. ऐसे ही एक दलित और तीन ओबीसी समाज से मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसमें दो अति पिछड़ी जाति और एक यादव जाति से हो सकते हैं. मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.

सूत्रों की मानें तो नीतीश कैबिनेट में नए मंत्री पद के रूप में कुशवाहा समाज से आने वाले सुनील कुमार, अति पिछड़ी जाति तेजी समाज से मोतीलाल प्रसाद, वैश्य से संजय सरावगी, राजपूत समाज से राजू सिंह, भूमिहार जाति से जीवेश मिश्रा, कुर्मी समाज से कृष्ण कुमार मंटू और अति पिछड़ा वर्ग में आने वाले केवल जाति से विजय मंडल को मंत्री बनाया जा सकता है. इस तरह बीजेपी ने बिहार के हर एक जाति को सियासी संदेश देने की कवायद कर रही है.

पीएम मोदी ने सेट किया चुनावी एजेंडा

कैबिनेट विस्तार का सियासी आधार तीन दिन पहले ही पीएम मोदी ने बिहार के दौरे से तय कर दिया है. पीएम मोदी ने भागलपुर में नीतीश कुमार के संग सियासी केमिस्ट्री बनाते हुए बिहार को विकास की सौगात से नवाजा. इस दौरान उन्होंने हिंदुत्व के साथ विकास का दांव चला तो साथ ही लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल को जंगलराज बताकर साफ कर दिया है कि आगामी बिहार चुनाव में बीजेपी किस एजेंडे के साथ उतरेगी. कृषि सम्मान निधि की किस्त जारी करते हुए पीएम मोदी ने कई विकास योजनाओं की आधारशिला रखी.

पीएम मोदी ने जिस तरह लालू परिवार पर हमला करते कहा था कि जो लोग पशुओं का चारा खा सकते हैं, वो आपके हालात कभी नहीं बदल सकते. हमने हालात बदले हैं. जब ये कांग्रेस वाले, जंगलराज वाले सरकार में थे, तो इन लोगों ने खेती का कुल जितना बजट रखा था,उससे कई गुना ज्यादा पैसा तो हम सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज चुके हैं. पीएम मोदी ने कांग्रेसआरजेडी के लंबे कुशासन ने बिहार को बदनाम और बर्बाद किया. लेकिन विकसित भारत में बिहार का वही स्थान होगा, जो प्राचीन समय में पाटलिपुत्र का था.

पीएम मोदी ने भागलपुर रैली को संबोधित करते हुए कहा कि, ये जो जंगलराज वाले हैं, इन्हें हमारी धरोहरआस्था से नफरत है. प्रयागराज में एकता का महाकुंभ चल रहा है, लेकिन ये जंगलराज वाले महाकुंभ को ही गाली दे रहे हैं. महाकुंभ को लेकर भद्दीभद्दी बातें कर रहे हैं. इस तरह पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि बीजेपी बिहार में किन मुद्दों पर चुनावी मैदान में उतरेगी.

जेपी नड्डा ने दिया बीजेपी का टास्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सियासी एजेंडा सेट करने के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को बिहार के पटना पटना पहुंचा. नड्डा ने बीजेपी नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी अभियान को धार देने के लिए टास्क सौंपा. बैठक के बाद बिहार के मंत्री नीरज कुमार बबलू ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आए और उन्होंने बिहार सरकार में बीजेपी के सभी मंत्रियों से विभाग में चल रही योजनाओं की जानकारी ली और तमाम विकास के कार्यों की चर्चा की. इसके साथ ही बीजेपी नेताओं के साथ मंथन कर किस मुद्दे पर चुनाव लड़ना है, उसका मंत्र दिया.

बीजेपी कोटे से मंत्री नीरज कुमार बबलू ने बताया कि जेपी नड्डा ने ‘मिशन-2025’ को फतह करने के लिए भी टास्क दिया है.जेपी नड्डा से स्टेट गेस्ट हाउस में सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात किया. इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंगल पांडेय और विजय चौधरी मौजूद थे. बिहार विधानसभा के चुनाव में एनडीए किस एजेंडे के साथ उतरेगी. इसको लेकर भी नीतीश कुमार और जेपी नड्डा के बीच अहम बातचीत हुई. माना जा रहा है कि जेपी नड्डा ने नीतीश के साथ बैठक कर मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर अमलीजामा पहनाया तो साथ ही बीजेपी नेताओं को भी 2025 के चुनाव का टास्क सौंपकर आए हैं.

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