पीएम मोदी ने थाईलैंड में भूंकप से मौतों पर जताया दुःख, भारत की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" में बताया बैंकाक का विशेष स्थान

Update: 2025-04-03 12:35 GMT

बैंकाकः पीएम मोदी ने थाईलैंड में भूंकप से हुई मौतों पर गहरा दुःख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" में बैंकाक का विशेष स्थान बताया है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत थाईलैंड में आए भूकंप पीड़ितों को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को आए भूकंप में हुई जनहानि के लिए भारत के लोगों की ओर से मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।


पीएम मोदी ने कहा कि भारत और थाईलैंड के सदियों पुराने संबंध हमारे गहरे सांस्कृतिक और अध्यात्मिक सूत्रों से जुड़े हैं। बौद्ध धर्म के प्रसार ने हमारे जन-जन को जोड़ा है। अयोध्या से नालंदा तक विद्वानों का आदान-प्रदान हुआ है। रामायण की कथा थाई लोग के जीवन में रची बसी है। संस्कृत पाली का प्रभाव आज भी भाषाओं और परंपराओं में झलकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं थाईलैंड सरकार का आभारी हूं कि मेरी यात्रा के उपलक्ष्य में 18वीं शताब्दी रामायण म्यूरल पेंटिंग पर आधारित एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है। पीएम शिनावात्रा ने अभी मुझे तिपिटक की भेंट की है।"

रणनीतिक साझेदारी में बदलेंगे भारत-थाईलैंड के रिश्ते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, " भारत की एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी और हमारे इंडो-पैसिफिक विजन में थाईलैंड का विशेष स्थान है। आज हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारियां का रूप देने का निर्णय लिया है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच ‘‘रणनीतिक वार्ता’ स्थापित करने पर भी चर्चा की। साइबर क्राइम के शिकार भारतीयों को वापस भारत भेजने में थाईलैंड सरकार से मिले सहयोग के लिए हमने थाईलैंड सरकार का आभार प्रकट किया।" बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और थाईलैंड प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा की मौजूदगी में भारत और थाईलैंड ने MoUs का आदान-प्रदान किया।

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