कृषि विज्ञान केंद्र में अनुसूचित जाति उप जाति योजना के अंतर्गत हुआ इनपुट का वितरण।
कृषि विज्ञान केंद्र धौरा व राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के द्वारा 100 किसानों को अनुसूचित जाति के चयनित कृषक एवं कृषक महिलाओं को इनपुट का वितरण किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में डॉ मुकेश सहगल, निदेशक, राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन संस्थान नई दिल्ली एवं डॉ अजंता बिराह, नोडल, अनुसूचित जाति उप योजना, राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन संस्थान नई दिल्ली एवं केंद्र के सभी वैज्ञानिक गण उपस्थित रहे। उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं गौ माता के चित्र पर पुष्प अर्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में आए मुख्य अतिथि डॉ मुकेश सहगल ने कृषकों को एकीकृत कृषि प्रबंधन के बारे में संक्षिप्त रूप से चर्चा की और कहा कि फसलों और सब्जियां पर दवाओं के अवशेष हानिकारक को कम करने हेतु एकीकृत कीट प्रबंधन तकनीयों के माध्यम से खेती करें। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डॉ अजंता बिराह ने कृषकों से चर्चा की तथा कहा कि कृषक भाई अपने सब्जियों तथा बागवानी में इस आईपीएम तकनीकी के माध्यम से उत्पादन को बढ़ा सकते हैं साथ ही कीटनाशकों का कम प्रयोग करके खर्च को भी काम कर सकते हैं जिससे आय में बढ़ोतरी होगी। उक्त कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ ए के सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति उप योजना के सहयोग से किसानों के लिए तकनीकी का प्रसार करने में काफी सहयोग मिलता है और नई-नई तकनीकियों के बारे में पता चलता है। इसी क्रम में डॉ जय कुमार यादव पौध संरक्षण ने सभी कृषकों को सब्जी वाली फसल में स्टिकी ट्रैप एवं फेरोमैन ट्रैप के बारे में विस्तार से वर्णन किया। I अंत में केंद्र के प्रभारी डॉ धीरज कुमार तिवारी ने विपरीत किए गए इनपुट के बारे में चर्चा किया तथा उक्त इनपुट के उपयोग एवं नियम शर्तों के बारे में कृषकों को बताया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती रत्ना सहाय, वैज्ञानिक मृदा विज्ञान ने किया और साथ ही किसानों को आई पी एम तकनीकी का उपयोग करने एवं मृदा को स्वास्थ्य हेतु आवाहन किया। इंजीनियर रमेश चंद्र मौर्य किसानों को आईपीएम तकनीकियों के यांत्रिक विधियों का विस्तार से चर्चा किया। डा सुनील सिंह ने कृषकों को आईपीएम में उपयोग होने वाले जैव उर्वरक एवं बायोपेस्टिसाइड के बारे में जानकारी दी डॉ अर्चना सिंह, वैज्ञानिक गृह विज्ञान ने स्टोर ग्रेन पेस्ट से बचाव हेतु हार्मेटिक बैग के बारे मे जानकारी विस्तार से दिया और कार्यक्रम के अंत में आए हुए अतिथियों एवं किसानों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि ने उपस्थित चयनित कृषक एवं कृषक महिलाओं को इनपुट जैसे स्प्रे मशीन, खुरपा, दरी, नीम का तेल, आईपीएम किट, गार्डन टूल्स, ट्राईकोडर्मा इत्यादि का वितरण किया। इस कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एके सिंह, प्रभारी डा धीरज कुमार तिवारी, रत्ना सहाय, इंजी. रमेश चंद्र मौर्य, सुनील सिंह, डा जय कुमार यादव, डा विनीता सिंह, शांतनु सिंह एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे।