मायावती को सता रही बिहार की चिंता, कहा-यहां दलितों की स्थिति खराब
BY Suryakant Pathak1 May 2017 8:11 AM GMT

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Suryakant Pathak1 May 2017 8:11 AM GMT
पटना : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को कहा कि अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी दलित समाज की सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक हालत दयनीय है। उनके पास न तो स्थायी रोजगार है और न ही खेती के लिए जमीन। ज्यादातर लोग मजदूरी पर ही आश्रित हैं तथा अन्याय व शोषण का शिकार हैं।
बिहार के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान मायावती ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी दलित समाज की सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक हालत दयनीय है। उनके पास न तो स्थायी रोजगार है और न ही खेती के लिए जमीन। बिहार की राजनीति में भी दलितों का स्थान व महत्व बहुत ही कम है। इस दौरान उन्होंने संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद भी दलितों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। बल्कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत का बुरा प्रभाव पड़ रहा है कि देशभर में लोगों को स्वतंत्र रहकर जीवन व्यतीत करने का उनका अधिकार लगातार खतरे में पड़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सरकार बंधक बनाने में जुट गई है और इसके लिए नए-नए नियम व कानून बनाकर उन पर थोपा जा रहा है। व्यक्ति चाहे बेरोजगार व भूखा क्यों न हो। कैडर मीटिंगों के जरिये संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास करें।
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