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भाजपा-कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों से पैसों का हिसाब मांगने वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने इस बार खुद ही चंदे के ब्योरे को आम आदमी से छुपा लिया है. पिछले दिनों तक चंदे के एक-एक रुपए का ब्योरा अपनी वेबसाइट पर सार्वजिनक करने वाली पार्टी ने इस लिस्ट को हटा दिा है.
अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली 'आप' वैसे तो सभी दलों को चंदा देने वालों का लिस्ट जारी करने की चुनौती देती रहती है लेकिन उसके खुद के वेबसाइट से इसे हटा कर कई सवाल को जन्म दे दिया है.
लिस्ट हटने के बाद से बीजेपी ने केजरीवाल को आड़े हाथों लिया है. बीजेपी का कहना है कि इन सबके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किस वजह से वेबसाइट से दानदाताओं की सूची गायब हुई है.
दिल्ली बीजेपी के महासचिव रमेश विधूड़ी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ड्रामेबाजों की पार्टी बनकर रह गई है. जब इस पार्टी की स्थापना हुई थी तब उसमें रिक्से वाले, रेड़ी वाले, झुग्गियों में रहने वाले आम आदमी ने अपनी मेहनत की कमाई का पैसा चंदे के रूप में दिया था. लेकिन अब उन लोगों ने 'आप' से मुंह मोड़ लिया है.
विधूड़ी ने कहा कि आप को अब उन्हीं लोगों का चंदा मिलेगा जो उनसे किसी ना किसी तरह से लाभान्वित हो रहे हैं. अभी प्रचार के लिए जारी किए गए 526 करोड़ रुपए का जांच होना बांकी है. इसके साथ ही विधूड़ी ने कहा कि 'आप' में सारे रिजेक्टेड लोग हैं. जिन्हें किसी पार्टी में जगह नहीं मिला वो 'आप' के हो गए.
इस मामले पर आम आदमी पार्टी के संयोजक दिलीप पांडेय से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बयान नहीं दिया.