सपा के गढ़ में ही हुई सीएम अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट की अनदेखी

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल 'साइकिल पथ' की निर्माण योजना पर सपा के ही गढ़ में काम नहीं हुआ। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ और नगर विकास मंत्री आजम खां के गढ़ रामपुर समेत 14 शहरों के विकास प्राधिकरणों ने साढ़े चार साल में एक इंच भी साइकिल पथ का निर्माण नहीं कराया है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री ने शहरों में अधिक से अधिक साइकिल ट्रैक बनाने की घोषणा की थी।
उन्होंने इसे अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था। जिन शहरों में विकास प्राधिकरण हैं, वहां ये ट्रैक बनाने की जिम्मेदारी प्राधिकरणों को दी गई थी। जहां प्राधिकरण नहीं है वहां यह काम निकायों के जिम्मे सौंपा गया था।
सिर्फ इन शहरों में ही हुआ है काम
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने सबसे अधिक 78.54 किमी. लंबाई में साइकिल पथ का निर्माण किया है, जबकि लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 53.99 किमी. लंबा साइकिल ट्रैक बनाया है। इसके अलावा सभी बड़े प्राधिकरणों की उपलब्धि निराशाजनक रही है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मात्र 1 किमी. साइकिल पथ का निर्माण किया है। जबकि बरेली ने 1.10, रायबरेली ने 1.30, झांसी ने 1.60, सहारनपुर ने 1.70, इलाहाबाद ने 1.90, मुजफ्फरनगर ने 3.30, वाराणसी ने 4.30, आगरा ने 5.10 और कानपुर विकास प्राधिकरण ने 5.40 किमी. लंबा साइकिल पथ बनाकर पल्ला झाड़ लिया है।
आजम व मुलायम के गढ़ में शुरू ही नहीं हो सका काम
खास बात यह कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस योजना का क्रियान्वयन सपा के गढ़ माने जाने वाले शहरों में ही नहीं हुआ। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ और कैबिनेट मंत्री आजम खां के शहर रामपुर में इस काम की शुरुआत ही नहीं हो सकी।
इसके अलावा 7 अन्य विकास प्राधिकरणों व 5 विशेष विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में भी साइकिल पथ का निर्माण नहीं हुआ। इस योजना की हर महीने उच्चस्तरीय समीक्षा होने के बावजूद किसी अधिकारी का ध्यान प्राधिकरणों की इस लापरवाही पर नहीं गया।
इन प्राधिकरणों ने एक इंच भी नहीं बनाए साइकिल ट्रैक
-विकास प्राधिकरण वाले शहर : आजमगढ़, रामपुर, उन्नाव, उरई, खुर्जा, बांदा, बुलंदशहर, अयोध्या-फैजाबाद, फीरोजाबाद-शिकोहाबाद।