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उत्तर प्रदेश

मां श्रृंगार गौरी का दर्शन कर हजारों श्रद्धालुओं ने की ज्ञानवापी मुक्ति की कामना, साल में बस मिलता है एक मौका

मां श्रृंगार गौरी का दर्शन कर हजारों श्रद्धालुओं ने की ज्ञानवापी मुक्ति की कामना, साल में बस मिलता है एक मौका
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वाराणसी। वासंतिक नवरात्र की चतुर्थी को ज्ञानवापी परिसर में दीवार पर स्थापित मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। न्यायालय के आदेश से वर्ष में मात्र एक दिन मिलने वाले मां के दर्शन के लिए हजारों भक्त नाचते-गाते, झूमते, हर-हर महादेव व मां श्रृंगार गौरी के जयकारे करते, डमरू निनाद व शंखध्वनि के बीच भक्तों ने मां का दर्शन-पूजन कर नारियल फोड़े और मां श्रृंगार गौरी से ज्ञानवापी के मुक्ति की कामना की।

परिसर में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की ओर से अनवरत सुंदरकांड का पाठ चल रहा था, भक्तों के लिए 1000 नारियल की व्यवस्था भी मंदिर प्रशासन द्वारा की गई थी। रह-रह कर अनेक संगठनों के जत्थे मां के दर्शन को पहुंचते रहे। ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त, ज्ञानवापी का मुकदमा लड़ रही महिलाओं, वादी सोहन आर्य, वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन, पूर्व एमएलसी वीणा पांडेय भी दर्शन-पूजन को पहुंचे।

सुबह ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के बैनर तले श्रद्धालुओं का जत्था गंगा से जल लेकर निकला। पूरे मार्ग श्रद्धालु भक्ति गानों पर झूमते, हर-हर महादेव का उद्घोष करते, शंखनाद व डमरू वादन के बीच ज्ञानवापी पहुंचे। इसके पूर्व महापरिषद के श्रीकांत सिंह सागर ने सपत्नीक परिवार सहित बांसफाटक स्थित सत्यनारायण मंदिर स्थित महादेव का विधि विधान से रुद्राभिषेक किया

सुबह नौ बजे सैकड़ों कार्यकर्ता संस्थाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित शिवकुमार शुक्ल के नेतृत्व में परंपरागत पूजन सामग्री के साथ दर्शन पूजन के लिए ज्ञानवापी परिसर में प्रवेश किए। कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार क्रमांक 4-बी से प्रवेश दिलाया गया। महापरिषद के लोगों ने लगभग 25 मिनट की विधिवत पूजा -अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने मां श्रृंगार गौरी मंदिर के टूटे प्राचीन पत्थरों को सिंदूर-चंदन लगाया।

मंत्र पढ़कर मां की विधिवत आराधना की गई। सबने परंपरानुसार ज्ञानवापी समेत आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किए गए सभी मंदिरों व धर्मस्थलों की मुक्ति का संकल्प भी वहां लिया। जत्थे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रांत प्रचारक एवं क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख अभय कुमार, प्रचारक श्यामजी, डा. ज्ञानप्रकाश मिश्र, डा. बाला लखेंद्र, अरुण जायसवाल, दीप चंद्र मेहरोत्रा, अधिवक्ता अनघ शुक्ल, अखिलेश श्रीवास्तव विश्व हिन्दू परिषद के अनिल यादव, गौरव प्रकाश, शांतनु त्रिपाठी, राष्ट्रीय सेविका समिति से अंजू, चारू, प्रिया शुक्ला, एबीवीपी के अधोक्षज, ओंकार, राजकुमार, माय होम इंडिया से स्वतंत्र बहादुर सिंह, फेरी पटरी व्यापारी संगठन के अभिषेक निगम, सुनील पांडेय, ,नेहा वर्मा, डा. मुकेश शुक्ल आदि थे। संयोजन डा. पतंजलि पांडेय ने किया।

दोपहर 12.30 बजे मैदागिन से जयघोष करते हुए अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती, हियुवा नेता अंबरीश सिंह भोला, पूर्व एमएलसी एवं भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. वीणा पांडेय, सु्प्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, सोहन लाल आर्य, अधिवक्ता मदन यादव आदि पहुंचे। सबने मां शृंगार गौरी का दर्शन पूजन कर बाबा विश्वनाथ से शृंगार गौरी के पक्ष में जल्द से जल्द निर्णय दिलवाने हेतु प्रार्थना की।

चौक पर स्थित चित्रा सिनेमा के पास से गुलशन कपूर के साथ भक्तों का एक जत्था हाथों में पूजन सामग्री माला-फूल, प्रसाद, नारियल, ध्वज लेकर माता की जयकार करते मां श्रृंगार गौरी मंदिर पहुंचा। ज्ञानवापी कूप से मां का अभिषेक रक, फूलों से मां का श्रृंगार किया, परिक्रमा की, नारियल चढ़ाया। विश्व कल्याण के साथ मां का भव्य मंदिर बने, ज्ञानवापी मुक्त हो, इसकी कामना की।

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