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उत्तर प्रदेश

राज्यसभा में वक्फ बिल पर दिखे नए समीकरण, जानें वोटों का पूरा हिसाब-किताब

राज्यसभा में वक्फ बिल पर दिखे नए समीकरण, जानें वोटों का पूरा हिसाब-किताब
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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन बिल पास हो गया. राज्यसभा में कल यानी गुरुवार देर रात वक्फ बिल पर हुए मतदान में नए समीकरण दिखे. वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े जबकि सरकार के पास 125 और विपक्ष के पास 88 सांसद हैं. अन्य दलों के 23 सांसद हैं, जो किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं. 13 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

बीजेडी और वायएसआरसीपी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी नहीं की थी जबकि एआईएडीएमके के चार सांसदों ने बिल के विरोध में वोट डाला. मतदान में हिस्सा न लेने वालों में एनसीपी एसपी के प्रमुख शरद पवार समेत दो सांसद, जेएमएम के शिबू सोरेन, आप के संजीव अरोड़ा और हरभजन सिंह और बीजेडी के एक सांसद शामिल हैं जबकि BJD के सस्मित पात्रा और YSRCP के परिमल नाथवानी ने बिल के पक्ष में वोट डाला.

इस बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा

इस बिल पर राज्यसभा में करीब 13 घंटे की मैराथन चर्चा हुई तब जाकर यह बिल राज्यसभा से पास हुआ. संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद इस बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की मुहर के बाद बन यह कानून बन जाएगा. लोकसभा में वक्फ बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े थे जबकि इसके खिलाफ 232 वोट पड़े थे. लोकसभा में इस बिल पर करीब 12 घंटे की लंबी चर्चा हुई.

राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बिल आज की जरूरत है. इसमें ट्रांसपरेंसी और अकाउंटेबिलिटी है. ये किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. हम अच्छी सोच से ये बिल लेकर आए.

वक्फ बिल को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?

इस बिल के दोनों सदनों से पास होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दशकों से वक्फ प्रणाली में पारदर्शिता की कमी थी. इससे खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों, पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंचता था. संसद द्वारा पारित कानून पारदर्शिता को बढ़ाएंगे और लोगों के अधिकारों की रक्षा भी करेंगे. यह समाजिक और आर्थिक न्याय, पारदर्शिता के लिए अहम क्षण है. लंबे समय से हाशिए पर रहे लोगों को मदद मिलेगी. वक्फ बिल से लोगों को आवाज और अवसर मिलेगा.

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