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उत्तर प्रदेश

वडोदरा: शराब नहीं गांजे के नशे में यमदूत बन गया था रक्षित, जांच के बाद पुलिस ने किया खुलासा

वडोदरा: शराब नहीं गांजे के नशे में यमदूत बन गया था रक्षित, जांच के बाद पुलिस ने किया खुलासा
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गुजरात के वडोदरा में तीन वाहनों को टक्कर मारने वाला रक्षित चौरसिया गांजे के नशे में गाड़ी चला रहा था। पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया है कि आरोपी रक्षित और उसके साथ कार में बैठे अन्य दो युवकों ने गांजे का सेवन किया था। इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार, गांधीनगर में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की प्राथमिक रिपोर्ट से पता चला कि घटना के समय वह शराब के नशे में नहीं था, बल्कि उसने गांजा पी रखा था। चौरसिया के साथ प्रांशु चौहान और सुरेश भारवाड़ के बल्ड सैंपल में भी ड्रग्स की पुष्टि हुई है। यह मेडिकल रिपोर्ट हादसे के लगभग 20 दिन बाद आई।


पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज किया है और चौरसिया के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 185 भी लगाई है, जिसके तहत शराब या नशीली दवाओं के प्रभाव में वाहन चलाना एक आपराधिक कृत्य है।

पुलिस का बयान

चौरसिया फिलहाल वडोदरा सेंट्रल जेल में बंद है। उसके दोस्त प्रांशु चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, तीसरा आरोपी फरार है। पुलिस उपायुक्त पन्ना मोमाया ने कहा, "हमें आज तीनों के रक्त के नमूनों की रिपोर्ट मिली, जिसमें ड्रग्स की पुष्टि हुई है। वे गांजा पीकर कार चला रहे थे। हमने रक्षित चौरसिया के सह-यात्री को गिरफ्तार कर लिया है और तीसरे आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

13 मार्च को हुआ हादसा

13 मार्च को प्रयागराज के 23 वर्षीय लॉ स्टूडेंट चौरसिया ने अपनी कार से तीन गाड़ियों को टक्कर मार दी थी, जिससे एक महिला हेमाली पटेल की मौत हो गई थी। यह घटना वडोदरा के व्यस्त चौराहे करेलीबाग में आम्रपाली चार रास्ता के पास हुई। घटना का वीडियो भी सामने आया था। हादसे के बाद आरोपी रक्षित पागलों की तरह 'वन मोर राउंड' और 'ओम नमः शिवाय' चिल्ला रहा था। हादसे के अगले दिन दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया।

आरोपी ने बनाया था एयरबैग का बहाना

बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के छात्र रक्षित ने पहले नशे में होने या तेज गति से वाहन चलाने से इनकार किया था और हादसे के लिए कार के एयरबैग को जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी ने कहा था, "हम एक स्कूटर को ओवरटेक कर रहे थे और दाईं ओर मुड़े, तभी हमारी कार एक गड्ढे में जा गिरी। कार ने एक अन्य वाहन को टक्कर मार दी और एयरबैग खुल गया, जिससे मुझे दिखना बंद हो गया और कार नियंत्रण से बाहर हो गई। मुझे बताया गया कि एक महिला की मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए। मैं पीड़ितों के परिवारों से मिलना चाहता हूं- यह मेरी गलती है।"

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