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उत्तर प्रदेश

वक्फ बिल से हमने हटा दिया सेक्शन 40, इसका हुआ दुरुपयोग- रिजिजू

वक्फ बिल से हमने हटा दिया सेक्शन 40, इसका हुआ दुरुपयोग- रिजिजू
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किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश कर दिया है. किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे अधिक संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं. 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है. 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा. पॉलिसी मेकर्स, विद्वानों ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं. इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे. यह प्रस्ताव खुले मन से पॉजिटिव नोट के सामने पेश कर रहा हूं. किसी ने असंवैधानिक बताया तो किसी ने नियमविरुद्ध. जब पहली बार ये प्रस्ताव सदन में पेश किया गया था 1913 में, उसके बाद जब दोबारा एक्ट पास किया गया था. 1930 में एक्ट लाया गया था. आजादी के बाद 1954 में वक्फ एक्ट पहली बार आजाद भारत का एक्ट बना और उसी में राज्य के बोर्ड का भी प्रावधान किया गया था. 1995 में व्यापक रूप से एक्ट बना. उस समय किसी ने इसे असंवैधानिक, नियमविरुद्ध नहीं कहा. आज हम जब ये बिल ला रहे तो ये बोलने का विचार कैसे आया. जिसका बिल में कोई लेना-देना नहीं है, उसे लेकर आपने लोगों को गुमराह करने का काम किया. 1995 में ट्रिब्यूनल का इंतजाम किया गया.

रिजिजू ने कहा कि आप जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो ऐसा नहीं होगा कि आदिवासी क्षेत्र में जाकर क्रिएट कर देंगे. शेड्यूल 5 और शेड्यूल 6 क्षेत्र में आप वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट नहीं कर सकेंगे, हमने आदिवासियों के अधिकार संरक्षित करने के लिए ये प्रावधान किया है. ट्रिब्यूनल में तीन मेंबर होंगे जिनका एक नीयत कार्यकाल होगा. वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णय से खुश नहीं हैं तो आप अदालत जा सकते हैं. ये रास्ता भी हमने खोल दिया है. वार्षिक अनुदान घटाकर सात से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है जिससे ज्यादा पैसा चैरिटी के लिए खर्च किया जा सके. वक्फ संपत्ति पर भी लिमिटेशन एक्ट लागू होगा. सेक्शन 40 के तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर देता था. इसे हमने हटा दिया. इसे कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते थे. इस प्रावधान का इतना दुरुपयोग हुआ कि प्रॉपर्टी लाखों तक पहुंच गई और इसकी वजहसे कई विवाद देश में आए हैं. चर्च के लोग पुकार के कह रहे हैं कि वक्फ संशोधन बिल जल्दी पारित करिए. उन्होंने हरियाणा से कर्नाटक तक, वक्फ प्रॉपर्टी घोषित किए जाने के विवादों का भी जिक्र किया और कहा कि केरल में 600 ईसाई परिवारों की जमीन को वक्फ बोर्ड ने वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया. अभी भी देर नहीं हुआ, आप राजनीतिकरण करके अड़े रहे तो मुश्किल में फंसने वाले हैं. इस बिल का विरोध करके कांग्रेस के साथी दल भी बहुत बड़ी मुश्किल में फंसने वाले हैं. इस संसद को भी वक्फ डिक्लेयर न कर दें, इसको ध्यान में रखकर आगे काम करें. रिजिजू ने कहा कि मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो. मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ. पीएम मोदी ने मेरे जैसे एक साधारण सदस्य को इतना पुण्य का काम करने के लिए चुना है.

रिजिजू ने कहा कि हम किसी जाति-धर्म की वजह से सांसद नहीं बने हैं. आपका ट्रस्ट है, ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर संभालता है. आप कैसे कहेंगे कि वह मुसलमान नहीं है तो कैसे संभाल सकता है. ये बार-बार कहा जा रहा है कि मुसलमान के मामले में गैर मुस्लिम क्यों आ रहा है. अरे इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं देना नहीं है. ये संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा मामला है. उन्होंने ये भी कहा कि वक्फ की जिन संपत्तियों पर विवाद है, हम कोर्ट के पावर को कैसे ले सकते हैं. सीएए जब लाए थे, तब भी ये लोग कह रहे थे कि मुसलमान का हक छिना जा रहा है. बताइए, किसी मुसलमान की नागरिकता छिनी गई है. आज आप दोबारा मिसलीड करेंगे तो मुंह की खाना पड़ेगा आपको. फिर कोई बिल लेकर दोबारा आएंगे और पर्दाफाश करेंगे आपका. आप वक्फ क्रिएट कर सकते हैं लेकिन महिलाओं और बच्चों का अधिकार नहीं छिन सकते. ये बहुत बड़ा रिफॉर्म है.

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने वक्फ के डिजिटलाइजेशन से लेकर वक्फ क्रिएट करने की प्रक्रिया तक, पूरी प्रक्रिया बताई और कहा कि सबकुछ राज्य सरकारों को ही करना है. जो-जो वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट की गई है, उसे लेकर हम लगातार टच में रहेंगे. ये पूरी तरह राज्य सरकार के अधीन है और उनको ही इसकी निगरानी का काम करना है. इनकम जेनरेशन का भी इफेक्टिव गवर्नेंस का प्रावधान हमने रखा है. जो रिफॉर्म्स हमने लाए हैं और कुछ बदलाव जो किए हैं, इसमें अगर आपको लगता है कि वक्फ प्रॉपर्टी के बेहतर इस्तेमाल करने के लिए क्या करना चाहिए, उसमें आपके सुझाव का हम खुले दिल से स्वागत करेंगे. इस बिल का विरोध करने वालों को सदियों तक याद रखा जाएगा.

किरेन रिजिजू ने केरल हाईकोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट की वक्फ को लेकर टिप्पणियों का जिक्र किया और सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये तर्क ही नहीं बन रहा है कि मुसलमान के अधिकार में गैर मुसलमान कैसे आ रहा है. 2013 में चुनाव आना था, आचार संहिता लगने ही वाली थी, 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टीज को सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया. इससे वोट नहीं मिलने वाला. देश के लोग समझदार हैं. इसको बदलना जरूरी था. किरेन रिजिजू ने कहा कि 1995 में ऐसा नहीं था, 2013 में आपने बदल दिया कि वक्फ कोई भी क्लियर कर सकता है. हमने पुराना प्रावधान लाते हुए कहा है कि वही क्लियर कर सकता है जिसने कम से कम पांच साल इस्लाम की प्रैक्टिस किया है. इसमें शिया, सुन्नी, महिला, सभी रहेंगे ये हमने किया है. मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन वक्फ काउंसिल का चेयरमैन हूं. मेरे होने के साथ चार और गैर मुस्लिम इसमें हो सकते हैं. दो महिला का रहना अनिवार्य है. सेंट्रल वक्फ काउंसिल में कुल 22 सदस्यों में चार गैर मुस्लिम से ज्यादा नहीं हो सकते हैं. तीन सांसद होंगे. 10 सदस्य मुस्लिम समुदाय से और दो पूर्व जज होंगे. एडिशनल सेक्रेटरी या जॉइंट सेक्रेटरी उसमें रहेंगे. स्टेट बोर्ड में 11 सदस्यों में तीन से ज्यादा गैर मुस्लिम नहीं हो सकते. एक एमपी, एक एमएलए, एक सदस्य बार काउंसिल से और चार सदस्य मुस्लिम समुदाय से होंगे. इनमें एक महिला का होना भी अनिवार्य है. जो प्रावधान जरूरी नहीं थे, उनको मिलाते हुए हमने नया प्रावधान किया है. महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के साथ ही ट्रिब्यूनल में पेंडिंग 10 हजार से अधिक केस सेटल करने और कुछ साल में इनकी संख्या 30 हजार से अधिक हो गई है. वक्फ बोर्ड के पास भारतीय रेलवे, रक्षा के बाद वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंडबैंक है. ट्रेन का पटरी लगा हुआ है, वो देश की संपत्ति है.

किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है. हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे. इस पर विपक्ष की ओर से किसी ने टिप्पणी की. स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए नसीहत दी कि भारत की संसद में बैठे हो, गरिमा का ध्यान रखो. किसी भी व्यक्ति को बैठे-बैठे टिप्पणी का अधिकार नहीं है. किरेन रिजिजू ने कहा कि ये मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है. ये बस एक संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा विषय है. कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं. हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं. इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है.

संशोधन नहीं लाते तो ये संसद भवन भी वक्फ प्रॉपर्टी होता- रिजिजू

किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने पार्लियामेंट की जो बिल्डिंग है, उसे भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया. यूपीए की सरकार ने इसे डिनोटिफाई भी कर दिया. अगम नरेंद्र मोदी जी की सरकार नहीं होती, हम संशोधन नहीं लाते तो जिस जगह हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती. यूपीए की सरकार होती तो पता नहीं कितनी संपत्तियां डिनोटिफाई होतीं. कुछ भी अपने मन से नहीं बोल रहा हूं. ये सब रिकॉर्ड की बात है. किरेन रिजिजू की इस बात पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के जोरदार हंगामे पर किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर तर्क नहीं है तो इस तरह से हंगामा करना ठीक बात नहीं है. स्पीकर ने कहा कि आपकी बारी आएगी तो आप अपनी बात रखिएगा.


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