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उत्तर प्रदेश

ओवैसी मुझे मौलाना राधा मोहन अग्रवाल कहते हैं.... जब वक्फ पर संसद में भड़क गए BJP सांसद

ओवैसी मुझे मौलाना राधा मोहन अग्रवाल कहते हैं.... जब वक्फ पर संसद में भड़क गए BJP सांसद
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लोकसभा से पास होने के बाद आज राज्य सभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा हो रही है. वार-पलटवार का यह राउंड-2 है. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने दोपहर एक बजे बिल को सदन में रखा. चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश से बीजेपी के सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल वक्फ बिल पर भ्रम फैलाने को लेकर विपक्ष पर जमकर भड़क गए. उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में लेकर समय-समय पर सुधार होते रहे, लेकिन मुस्लिम समाज में सुधार की कोई कोशिश ही नहीं कई गई. इसका नुकसान गरीब मुसलमानों को हुआ. जानिए उनके भाषण की बड़ी बातें...

जैसे फिल्मों में गुंडे होते थे, जिस महिला पर हाथ रख दिया, उसकी हो गई. ऐसी ही इन वक्फ बोर्डों ने भूमाफियाओं की तरह काम किया है. जिस जमीन पर हाथ रखा गया, वह उनकी हो गई.

मैं बताऊंगा इन्हें कारवां कहां लुटा है.

माननीय सदस्य सैयद नासिर हुसैन इस बार राज्यसभा के लिए चुने गए. जब इनकी जीत की घोषणा हुई, मैं उस समय कर्नाटक के बेंगलुरु में था. विधानसभा में उस वक्त पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए थे.

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो उन्हें पकड़कर जेल में भेज दिया गया.

आज का दिन गरीब मुसलमानों के लिए पसमांदा मुसलमानों के लिए विधवा महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है.यह वक्फ बिल क्रांतिकारी परिवर्तन लाने जा रहा है.

हम हिंदू हैं, हम लगातार अपने समाज में परिवर्तन करते रहे हैं. हमने लगातार अपने समाज की बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया है. इतिहास हमारा गवाह है. हमारे यहां सती प्रथा होती थी, हम सती प्रथा निषेध अधिनयम लाए.

यही नहीं हमने बाल विवाह निषेध अधिनियम लाए. आश्चर्य की बात होती है कि 75 सालों के अंदर एक बार भी मुस्लिम समाज के संशोधन और सुधार को लेकर गरीब मुसलमान के जीवन की बेहतरी के लिए कोई सुधार नहीं हुआ.

पीएम मोदी ने एक मीटिंग में सारे सांसदों से कहा था कि अपने काम को करते हुए कभी हिंदू-मुसलमान मत करना. विकास की धारा सारे समाज तक समान रूप से पहुंचनी चाहिए.

इन लोगों ने क्या किया पता है. वह जो ओवैसी साहब वहां बैठते हैं ना, उन्होंने मेरा नाम रख दिया मौलाना राधा मोहन अग्रवाल. अब इससे बड़ी जीत मेरी क्या होगी.

हजरत मोहम्मद साहब ने अपनी आयतों में लिखा है. चार आयतें हैं, जिसमें हजरत मोहम्मद साहब कहते हैं- एक भी पैसा किसी को दो तो उसे लिखो. उसका उदाहरण दो. उसका गवाह बनाओ. ताकि ताकीद रहे कि तुम्हारे देने को कोई चुनौती न दे पाए. तुम कहते हो तो तुम्हारे पास इतनी सारी संपत्ति है, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं है.

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