परिस्थिति डामाडोल, विकराल है नज़ारा
BY Anonymous16 April 2021 1:20 AM GMT

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Anonymous16 April 2021 1:20 AM GMT
कड़ाई और अंकुश।
पांव रहे हैं फैला।।
कर्फ्यू और सख्ती।
लगने की अंदेशा।।
भयावह हो रही स्थिति।
खौफ का है माहौल।।
ध्वस्त किया महामारी।
परिस्थिति डामाडोल।।
विकराल है नज़ारा।।
आगे क्या होने वाला।।
क्या हो अब आखिर?
ईश्वर ही है रखवाला।।
सूझ न रही राह।
बेबस है आवाम।।
दुविधा भरी स्थिति।
दिख रही जो तमाम।।
...................अभय सिंह
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