वक्फ बिल संसद से पास हो गया, विपक्ष के पास अब क्या विकल्प, डिटेल में जानें
नई दिल्ली:
वक्फ संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है. अब सिर्फ राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है. महामहिम की मंजूरी के बाद यह बिल कानून (Waqf Bill) बन जाएगा. वक्फ बिल पास हो तो गया है लेकिन कई शहरों में इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है. अब इस बिल को कानून बनने से रोकने की कोशिशें भी शुरू हो सकती हैं. तमाम मुस्लिम संगठन और विपक्ष इसका विरोध शुरुआत से ही कर रहे हैं. सवाल ये है कि क्या अब भी वे इस बिल को कानून बनने से रोक सकते हैं. अब उनके सामने क्या विकल्प बचे हैं.
पहला विकल्प- कोर्ट का सहारादूसरा विकल्प- सड़क पर आंदोलन तीसरा विकल्प- राजनीतिक दबाव
सवाल ये भी है कि क्या विपक्ष और मुस्लिम संगठन सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन के जरिए सरकार को झुका सकते हैं. या फिर अदालत में इस बिल को चुनौती देकर रोक सकते हैं. बिहार चुनाव आने को है. ऐसे में डर ये भी है कि कहीं नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के मुस्लिम नेताओं की नाराजगी विपक्ष के लिए फायदेमंद साबित न हो.
अदालत में गुहार, विपक्ष को इंतजार
विपक्ष और मुस्लिम संगठन वक्फ बिल को कानून बनने से रोकने की हर संभव कोशिश में जुटे हुए हैं. इसकी शुरुआत ओवैसी की पार्टी AIMIM और कांग्रेस ने की है. ओवैसी और बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. दोनों की दलील है कि ये बिल नागरिक अधिकारों और संविधान के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है.
वक्फ बिल को कैसे रोकेगा विपक्ष?
वक्फ बिल राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही कानून बन जाएगा. ऐसे में सवाल ये है कि क्या अदालत से इसे रोका जा सकता है. राम मंदिर और धारा 370 को लेकर भी इसी तरह से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. लेकिन कुछ हो नहीं सका. तो क्या अब विपक्ष की कोशिश कामयाब होगी या फिर से उनको झटका लगेगा.
आंदोलन के आगे झुकेगी सरकार?
क्या सड़क पर उतरकर इस बिल को रोक पाना संभव होगा. दरअसल विपक्ष और तमाम मुस्लिम संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. ऐसे में क्या आंदोलन के जरिए सरकार को झुका पाना संभव है? शुक्रवार को कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद समेत देश के कई शहरों में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. विरोध कर रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, वक्फ बिल का समर्थन करने वाले नेताओं के पुतले फूंके. ऐसे में क्या ये हथियार किसी काम आएगा.
ये है विपक्ष का अगला दांव!
विपक्ष का एक बड़ा दांव नीतीश की जेडीयू पर अंदरूनी दबाव बनाना भी है. दरअसल विपक्ष को लगता है कि बीजेपी अपने दम पर तो वक्फ बिल पास करवा नहीं पाती. नीतीश और चंद्रबाबू के समर्थन की वजह से ही ये संभव हो पाया है. कई विपक्षी नेताओं का तो ये भी दावा है कि इस बिल के विरोध में कुछ मुस्लिम नेताओं के जेडीयू का साथ छोड़ने की वजह से नीतीश कुमार पर दबाव बढ़ सकता है. इसका फायदा विपक्ष को मिल सकता है. हालांकि नीतीश तो पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ खड़ी है.