यूपी में धार्मिक स्थलों के पास बूचड़खानों और मांस बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध, योगी सरकार का बड़ा फैसला
लखनऊः उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के पास अवैध बूचड़खानों और मांस बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। योगी सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। यह फैसला तत्काल लागू कर दिया दिया गया है। अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और नगर आयुक्तों को बूचड़खानों को तत्काल बंद करने और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मांस बिक्री पर निगरानी करने के लिए बनी समिति
जानकारी के अनुसार, अवैध बूचड़खानों और मांस बिक्री पर निगरानी करने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और खाद्य सुरक्षा अधिकारी निगरानी करेंगे। सरकार ने इसके लिए विशेष जिला स्तरीय समिति गठित की है। राम नवमी पर विशेष सख्ती बरतने का आदेश दिया गया है। 6 अप्रैल को पशु वध और मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर यूपी नगर निगम अधिनियम और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
पुराने आदेश कड़ाई से लागू होंगे
2014 और 2017 में जारी आदेशों का हवाला देते हुए योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध पशु वध और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इनमें पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे।
राम नवमी पर विशेष निगरानी
6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के दिन विशेष प्रतिबंध लागू होगा, इस दिन पशु वध और मांस की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। यूपी नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 एवं 2011 के प्रावधानों के तहत, योगी सरकार ने अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।