रामनवमी पर पीएम मोदी देंगे बड़ी सौगात,तमिलनाडु में नए पंबन ब्रिज का करेंगे उद्घाटन, जानें इसकी खासियत

Update: 2025-03-27 06:32 GMT

रामनाथपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को राम नवमी के दिन रामेश्वरम में नए 2.8 किलोमीटर लंबे पंबन रेल ब्रिज का उद्घाटन करेंगे. न्यू पंबन रेल ब्रिज भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज है, जिससे रामेश्वरम की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. पीएम मोदी ने ने नवंबर 2019 में नए पुल की आधारशिला रखी थी.

बता दें कि, रामनाथपुरम जिले में मंडपम और रामेश्वरम द्वीप क्षेत्र को जोड़ने के लिए साल 1914 में रेलवे परिवहन शुरू किया गया था. इसके लिए समुद्र से जहाजों के आने-जाने पर खुलने और बंद होने के लिए रेलवे पुल का निर्माण किया गया था.

न्यू पंबन ब्रिज

पुराने पंबन पुल के निर्माण को 106 साल से ज्यादा समय हो चुका है. पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण पंबन पुल पर रेल यातायात बंद कर दिया गया था. उसके बाद में घोषणा की गई कि 550 करोड़ रुपये की लागत से दूसरा नया रेलवे सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा.

दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक आर एन सिंह ने कहा कि, पुल और चल रहे रेलवे स्टेशन निर्माण परियोजनाओं के निरीक्षण के बाद रामेश्वरम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी द्वारा न्यू पंबन ब्रिज का 6 अप्रैल को उद्घाटन करने जानकारी साझा की.

उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी के दौरे और उद्घाटन समारोह की तैयारी को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए एक रिहर्सल आयोजित की गई थी. बता दें कि, आरएन सिंह एक विशेष निरीक्षण ट्रेन के जरिए रामेश्वरम पहुंचे और बाद में मीडिया को पंबन ब्रिज के उद्घाटन से जुड़ी पूरी जानकारी दी.

नया पंबन पुल, एक मॉडर्न इंजीनियरिंग का चमत्कार

पंबन द्वीप (रामेश्वरम द्वीप) पर लगभग 2.8 किलोमीटर तक फैला नया पंबन रेलवे पुल अत्याधुनिक इंजीनियरिंग विशेषताओं से लैस है. इसमें एक एडवांस इलेक्ट्रोमैकेनिकल सिस्टम द्वारा संचालित 72.5 मीटर लंबा वर्टिकल लिफ्ट स्पैन शामिल है, जिसे जहाजों को गुजरने की अनुमति देने के लिए उठाया जा सकता है. यह भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे ब्रिज है, जो देश की बुनियादी ढांचे की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

यह पुल पुराने पंबन कैंटिलीवर ब्रिज की जगह लेगा जो समय के साथ खराब होने के कारण हाई-स्पीड ट्रेन संचालन के लिए उपयुक्त नहीं था. पुराने ब्रिज का ढांचा अभी भी बना हुआ है, जिसे हटाने का निर्णय लंबित है.

भविष्य में रेल संपर्क विकास

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरएन सिंह ने रामेश्वरम और धनुषकोडी के बीच रुकी हुई रेल सेवाओं के बारे में भी चर्चा की. उन्होंने स्वीकार किया कि परिचालन चुनौतियों ने प्रगति में देरी की है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को हल करने और मार्ग पर रेल सेवाओं को फिर से शुरू करने में तेजी लाने के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार के साथ चर्चा जारी है.

उन्होंने बताया कि, न्यू पंबन ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान पीएम मोदी क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाते हुए रामेश्वरम से तांबरम तक एक विशेष ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे. नए पंबन पुल से रामेश्वरम और धनुषकोडी में पर्यटन और तीर्थ यात्रा को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे ऐतिहासिक समुद्री मार्ग पर सुरक्षित और तेज रेल परिवहन की सुविधा मिलेगी.

इस आधुनिक चमत्कार का उद्घाटन भारत के रेलवे बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय को जोड़ेगा, जो पुराने पंबन पुल की विरासत को सम्मानित करने के लिए नवाचार को विरासत के साथ जोड़ता है, साथ ही भविष्य की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है.

रामेश्वरम भारत का सबसे पवित्र स्थानों में से एक है

तमिलनाडु में रामेश्वरम का द्वीप क्षेत्र भारत के सबसे महत्वपूर्ण पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है. यह पवित्र स्थान महाकाव्य रामायण से जुड़े होने के कारण, रामेश्वरम राम, सीता, हनुमान और लक्ष्मण से इसका खास जुड़ाव है. इसलिए, इस पवित्र स्थान पर आने वाले भक्त कभी मंडपम से नाव द्वारा पंबन पार करते थे और रामनाथस्वामी मंदिर, धनुषकोडी, कोठांडारम मंदिर और रामपदम (राम के पैर) जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जाते थे.

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